Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान हो सकती हैं तà¥à¤µà¤šà¤¾ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ ये 7 समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚, जानें कैसे करें देखà¤à¤¾à¤²
skin care tips in pregnancy : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का समय हर महिला के लिठबहà¥à¤¤ खास होता है। लेकिन इस दौरान उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपनी सà¥à¤•िन का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना जरूरी होता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी हर महिला के लिठसबसे खूबसूरत अहसास होता है। लेकिन इस दौरान उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कई तरह की शारीरिक-मानसिक समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में महिलाओं को तà¥à¤µà¤šà¤¾ से संबंधित समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से à¤à¥€ (skin problems in pregnancy) जूà¤à¤¨à¤¾ पड़ता है। महिलाओं की तà¥à¤µà¤šà¤¾ डल होने लगती है। दाग-धबà¥à¤¬à¥‹à¤‚ और पिगमेंटेशन की समसà¥à¤¯à¤¾ बढ़ जाती है। कà¥à¤› महिलाओं की à¤à¤¡à¤¼à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¥€ फटने लगती हैं। इतना ही नहीं कà¥à¤› महिलाओं के पेट के आस-पास वाले हिसà¥à¤¸à¥‡ में खà¥à¤œà¤²à¥€ होने लगती है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में तà¥à¤µà¤šà¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ (skin problem in pregnancy)
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में महिलाओं को शारीरिक, मानसिक के साथ ही तà¥à¤µà¤šà¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से à¤à¥€ परेशान होना पड़ता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में महिलाओं को पिंपलà¥à¤¸, पिगमेंटेशन और दाग-धबà¥à¤¬à¥‹à¤‚ की समसà¥à¤¯à¤¾ होने लगती है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में तà¥à¤µà¤šà¤¾ में होने वाले बदलाव-
1. कील-मà¥à¤¹à¤¾à¤‚से (pimples acne in pregnancy)
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दूसरे और तीसरे महीने में महिलाओं के शरीर में हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ बदलाव होते है। इसकी वजह से उनके चेहरे पर कील-मà¥à¤¹à¤¾à¤‚सों की समसà¥à¤¯à¤¾ बढ़ जाती है। दरअसल, पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में तà¥à¤µà¤šà¤¾ में सीबम का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ अधिक होता है और पोरà¥à¤¸ बंद हो जाते हैं। इससे à¤à¥€ मà¥à¤¹à¤¾à¤‚सों की समसà¥à¤¯à¤¾ बढ़ती है।
2. पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में डà¥à¤°à¤¾à¤¯ सà¥à¤•िन (dry skin in pregnancy)
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान महिलाओं की तà¥à¤µà¤šà¤¾ काफी डà¥à¤°à¤¾à¤¯ या रूखी हो जाती है। दरअसल, इस समय à¤à¥à¤°à¥‚ण à¤à¥€ मां के शरीर से पानी पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करता है और अगर मां कब पानी पीती हैं, तो शरीर में पानी की कमी होने लगती है। इससे सà¥à¤•िन डà¥à¤°à¤¾à¤¯ या रूखी हो जाती है।
3. पेट की तà¥à¤µà¤šà¤¾ में खिंचाव
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में महिलाओं के पेट की तà¥à¤µà¤šà¤¾ में à¤à¥€ खिंचाव पैदा होता है। जैसे-जैसे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का समय बढ़ता है, वैसे-वैसे पेट की तà¥à¤µà¤šà¤¾ में खिंचाव पैदा होता है और इससे खà¥à¤œà¤²à¥€ होने लगती है।
4. सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ (skin allergy in pregnancy)
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में सà¥à¤•िन बहà¥à¤¤ सेंसिटिव हो जाती है, इससे सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ बढ़ने लगती है। इसलिठआपको सà¥à¤•à¥à¤°à¤¬ और डियोडरेंट के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से बचना चाहिà¤à¥¤ कॉसà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤¸ के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से à¤à¥€ बचें।
5. गरà¥à¤¦à¤¨ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ का काला पड़ना
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव की वजह तà¥à¤µà¤šà¤¾ में पिगमेंटशन की समसà¥à¤¯à¤¾ बढ़ जाती है। इस दौरान आरà¥à¤®à¤ªà¤¿à¤Ÿà¥à¤¸ और गरà¥à¤¦à¤¨ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ का रंग काला पड़ जाता है। तà¥à¤µà¤šà¤¾ का रंग काला पड़ना à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की वजह से हो सकता है।
6. सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š मारà¥à¤•à¥à¤¸ (stretch marks in pregnancy)
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान महिलाओं में सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š मारà¥à¤•à¥à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ होना बहà¥à¤¤ सामानà¥à¤¯ है। दरअसल, जैसे-जैसे बचà¥à¤šà¥‡ का विकास होता है, पेट की तà¥à¤µà¤šà¤¾ में खिंचाव होता है। इससे इलासà¥à¤Ÿà¤¿à¤• फाइबर टूट जाते हैं और महिलाओं के पेट पर सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š मारà¥à¤•à¥à¤¸ नजर आने लगते हैं। जब बचà¥à¤šà¥‡ का वजन बढ़ता है, तो सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š मारà¥à¤•à¥à¤¸ à¤à¥€ बढ़ सकते हैं।
7.पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में मेलाजà¥à¤®à¤¾ (melasma in pregnancy)
मेलाजà¥à¤®à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान तà¥à¤µà¤šà¤¾ की सबसे गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ है, इसे पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी मासà¥à¤• à¤à¥€ कहा जाता है। इसमें चेहरे पर पिगà¥à¤®à¥‡à¤‚टेशन की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है। सूरज की किरणें, à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ का बढना इस समसà¥à¤¯à¤¾ के कारण हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आपको इस समसà¥à¤¯à¤¾ से बचने के लिठधूप से बचना चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में सà¥à¤•िन की देखà¤à¤¾à¤² कैसे करें? (skin care in pregnancy)
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में अपनी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ रखने के लिठढेर सारा पानी पिà¤à¤‚ और शà¥à¤—र लोडेड चीजों से परहेज करें।
कील-मà¥à¤¹à¤¾à¤‚सों की समसà¥à¤¯à¤¾ से निजात पाने के लिठलैकà¥à¤Ÿà¤¿à¤• बेसà¥à¤¡ कà¥à¤²à¥€à¤‚जर का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
पेट में खिंचाव की वजह से अगर आपको खà¥à¤œà¤²à¥€ महसूस हो, तो इसके लिठकिसी ऑरà¥à¤—ेनिक ऑयल से पेट की मालिश कर सकती हैं।
कैमिकल यà¥à¤•à¥à¤¤ सà¥à¤•िन केयर और हेयर केयर पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤¸ के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से आपको बचना चाहिà¤à¥¤
गरà¥à¤¦à¤¨ के कालेपन से बचने के लिठधूप में कम से कम निकलें। साथ ही सनसà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ रोजाना लगाà¤à¤‚। दाग-धबà¥à¤¬à¥‹à¤‚ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने के लिठहेलà¥à¤¦à¥€ सà¥à¤•िन केयर रूटीन को जरूर फॉलो करें।
रात को मेकअप जरूर रिमूव करें। इससे पूरे दिन का डरà¥à¤Ÿ सà¥à¤•िन से निकल जाà¤à¤—ा।
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š मारà¥à¤•à¥à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचने के लिठपेट, जांघों और हिपà¥à¤¸ के आस-पास को अचà¥à¤›à¥€ तरह से मॉयशà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œ करें।
दिन में अपनी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को 2 बार गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से जरूर धोà¤à¤‚।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में अपनी सेहत और तà¥à¤µà¤šà¤¾ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के लिठहेलà¥à¤¦à¥€ डाइट लें। फलों और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में सेवन करें।
जंक फूड, पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ फूड और अधिक तला-à¤à¥à¤¨à¤¾ खाने से बचें।
अगर आप पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट हैं, तो इन तरीकों से अपनी तà¥à¤µà¤šà¤¾ की देखà¤à¤¾à¤² कर सकती हैं।
| --------------------------- | --------------------------- |